कक्षा नवमी से कक्षा दसवीं में जाने वाले विद्यार्थियों से एक विनम्र अनुरोध

कक्षा नौवीं से दसवीं में आते ही अधिकांश छात्र-छात्राओं के मन में यह बात बैठ जाती है कि उन्हें दसवीं बोर्ड परीक्षा हर हाल में उत्तीर्ण करनी है। विद्यार्थियों के अंकों की प्रविष्टि करने के अपने अनुभव के आधार पर मैं भली-भांति समझता हूँ कि छात्र किस प्रकार के अंक प्राप्त करते हैं और किन बातों का उनके परिणाम पर प्रभाव पड़ता है।

इसी अनुभव के आधार पर मैं आज उन सभी छात्र-छात्राओं से, जो नौवीं से दसवीं में प्रवेश कर रहे हैं, कुछ महत्वपूर्ण अनुरोध करना चाहता हूँ। ये सुझाव न केवल उन्हें बोर्ड परीक्षा में सफलता दिलाने में सहायक होंगे, बल्कि अच्छे अंक प्राप्त करने में भी उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगे।

  1. विद्यार्थियों को सभी सवाल के जवाब देने चाहिए |
  2. विद्यार्थियों के लिए यह समझना बहुत आवश्यक है कि उनके अंक कई अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं। ये परिस्थितियाँ कभी-कभी समझने में थोड़ी कठिन लग सकती हैं, लेकिन इनका सीधा प्रभाव परिणाम पर पड़ता है।
  3. पहली महत्वपूर्ण बात यह है कि अलग-अलग शिक्षकों का मूल्यांकन करने का तरीका अलग होता है। यदि शिक्षक थोड़ा उदार (नॉर्मल) स्वभाव के होते हैं, तो वे साधारण उत्तर पर भी अच्छे अंक दे देते हैं। वहीं, कुछ शिक्षक सख्ती से जाँच करते हैं और उनसे अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए उत्तर का स्तर बहुत अच्छा होना आवश्यक होता है।
  4. इसी कारण विद्यार्थियों को अपनी तैयारी हमेशा मजबूत और संतुलित रखनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उत्तर हमेशा प्रश्न के अनुसार ही लिखा जाए। यदि प्रश्न के अनुसार उत्तर नहीं दिया गया, तो कई बार शिक्षक अंक काटकर शून्य तक दे सकते हैं। वहीं कुछ शिक्षक थोड़ा बहुत लिखने पर भी कुछ अंक दे देते हैं।
  5. यह बात मैं अपने अनुभव के आधार पर बता रहा हूँ, क्योंकि मैंने कई विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाएँ देखी हैं। इसलिए मेरा आप सभी से अनुरोध है कि आप किसी भी प्रकार के शिक्षक पर निर्भर न रहें, बल्कि अपनी ओर से पूरी तैयारी करें और हर प्रश्न का सटीक एवं सही उत्तर देने का प्रयास करें।
  6. यह भी एक महत्वपूर्ण बात है कि शिक्षक हर उत्तर को पूरी तरह पढ़ें, यह हमेशा संभव नहीं होता, क्योंकि उनके पास जाँचने के लिए बहुत अधिक संख्या में उत्तर-पुस्तिकाएँ होती हैं। ऐसे में जब शिक्षक किसी कॉपी की जाँच शुरू करते हैं, तो वे शुरुआत के उत्तरों से ही विद्यार्थी के स्तर का आकलन बना लेते हैं।
  7. यदि कॉपी के शुरुआती प्रश्नों में विद्यार्थी का प्रदर्शन अच्छा होता है, तो शिक्षक पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और आगे के उत्तरों में भी उन्हें अच्छे अंक मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसके विपरीत, यदि शुरुआत के उत्तर गलत या कमजोर होते हैं, तो शिक्षक के मन में नकारात्मक धारणा बन सकती है, जिसका प्रभाव आगे मिलने वाले अंकों पर भी पड़ सकता है।
  8. इसलिए विद्यार्थियों से अनुरोध है कि वे सबसे पहले उन प्रश्नों के उत्तर लिखें, जिन्हें वे अच्छी तरह जानते हैं। साथ ही, हर उत्तर का पहला पैराग्राफ स्पष्ट और सटीक होना चाहिए, जिसमें प्रश्न का सीधा उत्तर मिल जाए। इससे यदि शिक्षक केवल प्रारंभिक भाग ही पढ़ें, तब भी उन्हें उत्तर का मुख्य बिंदु समझ में आ जाए और उचित अंक देने में आसानी हो।
  9. कुछ विद्यार्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं में यह देखा गया है कि वे जिन प्रश्नों के उत्तर अच्छे से जानते हैं, उनमें आवश्यकता से अधिक पेज भर देते हैं। परिणामस्वरूप, बाद के प्रश्नों के उत्तर लिखने के लिए उनके पास पर्याप्त स्थान नहीं बचता।
  10. यह समझना आवश्यक है कि बोर्ड परीक्षा में उत्तर-पुस्तिका के पेज और क्रमांक निश्चित होते हैं, जिन्हें सामान्यतः बढ़ाया नहीं जा सकता। यदि अतिरिक्त कॉपी की आवश्यकता हो, तो कभी-कभी वह मिल भी सकती है, लेकिन इसके लिए पहले ही परीक्षक (एग्जामिनर) से अनुमति लेना जरूरी होता है। फिर भी, यह मानकर चलना अधिक उचित है कि अतिरिक्त कॉपी नहीं मिलेगी।
  11. ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को चाहिए कि वे पूरी उत्तर-पुस्तिका (जो सामान्यतः लगभग 24 पृष्ठ की होती है) का सही ढंग से प्रबंधन करें। हर प्रश्न के उत्तर को संतुलित और आवश्यक सीमा में लिखें, ताकि सभी प्रश्नों के लिए पर्याप्त स्थान बचा रहे और कोई भी उत्तर अधूरा न छूटे।
  1. क्या हम क्वेश्चन के जवाब में कुछ भी लिख देंगे तो हमें नंबर मिल जाएगा ?

नहीं, अगर क्वेश्चन के जवाब में कुछ भी लिखेंगे तो आपको नंबर नहीं मिलेगा हालांकि अगर शिक्षक नॉर्मल होते हैं तो वह इस परिस्थिति में विद्यार्थियों को कुछ नंबर दे देते हैं लेकिन यह शिक्षक पर डिपेंड करता है और उनके स्वेच्छा पर इसीलिए विद्यार्थियों को सेफ जॉन में रहने के लिए सवाल के अनुसार से जवाब लिखना ही रिकमेंड किया जाएगा |

2. क्या कॉफी भर देने से हम बोर्ड परीक्षा में पास कर जाएंगे ?

नहीं, कॉपी भर देने से विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में पास नहीं कर पाएंगे हालांकि यह शिक्षक पर डिपेंड करता है कि अगर शिक्षक चाहे तो वह विद्यार्थियों को थोड़ा ग्रेस मार्क्स देखकर पास कर सकते हैं लेकिन फिर भी विद्यार्थियों को यह चाहिए कि वह कॉपी भरने पर ध्यान नहीं देते हुए सवाल के अनुसार से सही-सही जवाब देने का प्रयास करें