Class 11: Unit-4: Computer System Organisation

कंप्यूटर सिस्टम संगठन का अर्थ है कि कंप्यूटर के विभिन्न भाग किस प्रकार व्यवस्थित होते हैं और आपस में मिलकर कैसे कार्य करते हैं। इस विषय में कंप्यूटर के हार्डवेयर घटकों तथा उनकी आंतरिक कार्यप्रणाली का अध्ययन किया जाता है।

एक कंप्यूटर सिस्टम मुख्य रूप से चार प्रमुख भागों से मिलकर बना होता है:

  1. इनपुट इकाई
    इनपुट इकाई का कार्य उपयोगकर्ता से डेटा और निर्देश प्राप्त करना होता है।
    उदाहरण: कीबोर्ड, माउस, स्कैनर
  2. केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई (CPU)
    CPU को कंप्यूटर का मस्तिष्क कहा जाता है। सभी प्रकार की गणनाएँ और निर्णय यहीं लिए जाते हैं।
    CPU के मुख्य भाग होते हैं:
    • अंकगणित एवं तर्क इकाई (ALU) – गणितीय और तार्किक क्रियाएँ करती है
    • नियंत्रण इकाई (CU) – सभी कार्यों का नियंत्रण और समन्वय करती है
    • रजिस्टर – अस्थायी रूप से डेटा को संग्रहित करते हैं
  3. स्मृति इकाई (Memory Unit)
    स्मृति इकाई डेटा, निर्देश और परिणामों को संग्रहीत करती है।
    स्मृति दो प्रकार की होती है:
    • प्राथमिक स्मृति (RAM, ROM)
    • द्वितीयक स्मृति (हार्ड डिस्क, SSD, पेन ड्राइव)
  4. आउटपुट इकाई
    आउटपुट इकाई प्रसंस्कृत परिणाम को उपयोगकर्ता तक पहुँचाती है।
    उदाहरण: मॉनिटर, प्रिंटर, स्पीकर

कंप्यूटर सिस्टम संगठन हमें यह समझने में सहायता करता है कि डेटा इनपुट से आउटपुट तक किस प्रकार प्रवाहित होता है तथा हार्डवेयर और सॉफ़्टवेयर एक-दूसरे के साथ कैसे कार्य करते हैं। यह विषय कंप्यूटर की गति, क्षमता और कार्यकुशलता को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

संख्या पद्धति (Number System)

संख्या पद्धति वह प्रणाली है जिसके द्वारा संख्याओं को दर्शाया और गणना की जाती है। कंप्यूटर में सभी प्रकार का डेटा संख्या पद्धति के रूप में ही संग्रहित और संसाधित किया जाता है।

संख्या पद्धति के प्रकार

1. द्विआधारी संख्या पद्धति (Binary Number System)

  • आधार (Base) = 2
  • उपयोग होने वाले अंक = 0 और 1
  • यह कंप्यूटर की मूल संख्या पद्धति है क्योंकि कंप्यूटर केवल ON (1) और OFF (0) को समझता है।
  • उदाहरण: (1011)₂

2. अष्टाधारी संख्या पद्धति (Octal Number System)

  • आधार (Base) = 8
  • उपयोग होने वाले अंक = 0 से 7
  • यह द्विआधारी संख्या का संक्षिप्त रूप है।
  • उदाहरण: (725)₈

3. दशमलव संख्या पद्धति (Decimal Number System)

  • आधार (Base) = 10
  • उपयोग होने वाले अंक = 0 से 9
  • यह मनुष्य द्वारा सामान्य रूप से प्रयोग की जाने वाली संख्या पद्धति है।
  • उदाहरण: (456)₁₀

4. षोडशाधारी संख्या पद्धति (Hexadecimal Number System)

  • आधार (Base) = 16
  • उपयोग होने वाले चिन्ह = 0–9 और A–F
  • यह द्विआधारी संख्या को आसान रूप में दर्शाने के लिए उपयोग होती है।
  • उदाहरण: (2AF)₁₆

दो विभिन्न संख्या पद्धतियों के बीच रूपांतरण (Number System Conversion)

संख्याओं को एक पद्धति से दूसरी पद्धति में बदला जा सकता है, जैसे:

  • द्विआधारी से दशमलव
  • दशमलव से द्विआधारी
  • द्विआधारी से अष्टाधारी
  • द्विआधारी से षोडशाधारी

यह रूपांतरण कंप्यूटर की आंतरिक गणनाओं को समझने के लिए आवश्यक है।


पूर्णांक (Integer)

पूर्णांक वे संख्याएँ होती हैं जिनमें दशमलव भाग नहीं होता।
उदाहरण: -10, -5, 0, 8, 25
कंप्यूटर में पूर्णांकों को विशेष बाइनरी रूप में संग्रहित किया जाता है।


दशमलव बिंदु संख्या (Floating Point Number)

वे संख्याएँ जिनमें दशमलव बिंदु होता है, फ्लोटिंग पॉइंट संख्या कहलाती हैं।
उदाहरण: 3.14, -0.75, 12.5
इनका उपयोग अधिक सटीक गणनाओं के लिए किया जाता है।


1’s Complement (एक का पूरक)

परिभाषा:
किसी द्विआधारी (Binary) संख्या के प्रत्येक बिट को उलट (invert) करने की विधि को 1’s Complement कहते हैं।
अर्थात्:

  • 0 → 1
  • 1 → 0

उपयोग:
1’s Complement का उपयोग मुख्य रूप से ऋणात्मक संख्याओं (Negative numbers) को दर्शाने के लिए किया जाता है।

उदाहरण:
द्विआधारी संख्या:

1010

1’s Complement:

0101

विशेषताएँ:

  • इसमें दो शून्य (0) होते हैं: +0 और −0
  • गणनाओं में end-around carry को जोड़ना पड़ता है
  • आज के कंप्यूटरों में इसका उपयोग कम होता है

2’s Complement (दो का पूरक)

परिभाषा:
2’s Complement प्राप्त करने के लिए:

  1. पहले संख्या का 1’s Complement निकाला जाता है
  2. फिर उसमें 1 जोड़ दिया जाता है

उपयोग:
2’s Complement विधि का उपयोग आधुनिक कंप्यूटरों में ऋणात्मक संख्याओं को दर्शाने और घटाव (Subtraction) को आसान बनाने के लिए किया जाता है।

उदाहरण:
द्विआधारी संख्या:

1010

Step 1: 1’s Complement

0101

Step 2: +1 जोड़ें

0101
+   1
------
0110

विशेषताएँ:

  • इसमें केवल एक ही शून्य (0) होता है
  • घटाव को जोड़ (Addition) में बदला जा सकता है
  • कंप्यूटर सिस्टम में सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली विधि

1’s और 2’s Complement में अंतर

विशेषता1’s Complement2’s Complement
विधिबिट उलटना1’s Complement + 1
शून्य की संख्यादो (+0, −0)एक
गणनाजटिलसरल
उपयोगबहुत कमअधिक